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Issue II | Year I ·
April 2024 · pp. 1-9
सुमीर ठाकरे डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन
Abstract
Hindiडॉ. जयप्रकाश कर्दम का हिन्दी भाषा के साहित्यकारों में दलित चेतना के संदर्भ में विशिष्ट स्थान है। उन्होंने कविता, कहानी, उपन्यास, बाल-साहित्य एवं अनुदित रचनाओं के लेखन में अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज करायी है। उन्हें साहित्य के प्रति विशेष अनुराग है। उन्होंने अपने एक साक्षात्कार में व्यक्त किया था कि ‘साहित्य मुझे जिंदा रखने में मददगार है।‘ जयप्रकाश जी के प्रसिद्ध उपन्यास ‘करुणा‘, ‘छप्पर‘, ‘उत्कोच‘ है। प्रस्तुत शोध पत्र में जयप्रकाश जी द्वारा रचित ‘उत्कोच‘ उपन्यास के नायक ‘मनोहर‘ के व्यक्तित्व का मूल्यांकन आदर्शवादी व्यक्तित्व के परिप्रेक्ष्य में किया है। इस आकलन में उपन्यास में चित्रित आदर्शवादी, भ्रष्टाचार विरोधी, ईमानदारी आदि मूल्यों का शोधपरक दृष्टि से विचार किया गया है।
Keywords
डॉ.जयप्रकाश कर्दम
हिन्दी भाषा
साहित्यकार
दलित चेतना
उत्कोच
उपन्यास
कविता
कहानी
बाल-साहित्य ।
Paper Details
How to Cite
‘‘डॉ. जयप्रकाश कर्दम के उपन्यास ‘उत्कोच‘ के नायक ‘मनोहर‘ के आदर्शवादी व्यक्तित्व का मूल्यांकन”. "सुमीर ठाकरे डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन." Bundelkhand Vimarsh, Issue II | Year I (April 2024), pp. 1-9. ISSN: 3048-6319.
