📚 Issue I | Year I · December 2023 · pp. 1-8

राजा भोज, एवं देवालय की वास्तु शैली : एक अवलोकन

रच
रिपुदमन चंद्र
महाराजा श्री रामचंद्रभंजा देव विश्वविद्यालय द्वितीय परिसर क्योंझरओडिशा ।
Hindi

Abstract

Hindi

महाराजा भोज ने मालवा प्रदेश के प्रत्येक नगर ग्राम में अनेक मंदिरों का निर्माण करवाया था जिनकी शैली अधिकतर नागर है। महाराजा भोज बहुत बड़े वीर, प्रतापी, पंडित और गुण-ग्राही थे । इन्होंने अनेक देशों पर विजय प्राप्त की थी और कई विषयों में अनेक ग्रंथों का निर्माण किया था । इनका समय १० वीं ११ वीं शताब्दी माना गया है । राजा भोज की ख्याति एक उत्कृष्ट कवि, दार्शनिक और ज्योतिषी के रूप में भी थी । कहा जाता है कि उन्होंने ज्ञान के सभी क्षेत्रों में रचनाएँ की है ।जैसे धर्म, खगोल विद्या, कला, कोशरचना, भवननिर्माण, काव्य, औषधशास्त्र आदि विभिन्न विषयों पर पुस्तकें लिखी थीं जो अब भी विद्यमान हैं। उनकी वास्तुशैली का विशेष अध्ययन प्रस्तुत शोधपत्र एन किया गया है ।

Keywords

महाराजा भोज मालवा नागर १० वीं ११ वीं शताब्दी धर्म खगोल विद्या कला कोशरचना भवननिर्माण काव्य औषधशास्त्र वास्तुशैली राजनीति आयुध द्विपदयान चतुष्पदयान अष्टदोला नौका-जहाज।

Paper Details

Issue
Issue I | Year I
Published
December 2023
Pages
pp. 1-8
Language
Hindi
ISSN
3048-6319 (Online)
Publisher
Baraudi Sanskriti Sanskrit Sanskar Shiksha Samiti

How to Cite

रिपुदमन चंद्र. "राजा भोज, एवं देवालय की वास्तु शैली : एक अवलोकन." Bundelkhand Vimarsh, Issue I | Year I (December 2023), pp. 1-8. ISSN: 3048-6319.