📚 Issue V | Year III · April 2025 · pp. 1-6

भारतीय ज्ञान परंपराओं का लोक साहित्य में अवदान

डन
डाॅ. निर्मला शुक्ला
साहित्यकार
Hindi

Abstract

Hindi

भारतीय ज्ञान परंपरा अद्वितीय ज्ञान व बुद्धि का प्रतीक है, जिसकी जड़ें अत्यंत प्राचीन और समृद्ध हैं। यह हजारों वर्षों की सांस्कृतिक, धार्मिक और वैज्ञानिक उपलब्धियों का विशाल संग्रह है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होता रहता है। वेद, पुराण, उपनिषद, महाकाव्य और अन्य ग्रंथों के साथ-साथ लोक साहित्य का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लोक साहित्य भारतीय समाज की ज्ञान परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रमुख माध्यम है। यह मौखिक परंपराओं, लोकगीतों, कथाओं, कहावतों तथा लोकनाट्य के माध्यम से सामाजिक, धार्मिक, नैतिक, वैज्ञानिक और दार्शनिक ज्ञान को प्रचारित-प्रसारित करता है।

Keywords

भारतीय ज्ञान परंपरा प्राचीन सांस्कृतिक धार्मिक वैज्ञानिक वेद पुराण उपनिषद महाकाव्य लोक साहित्य भारतीय समाज ।

Paper Details

Issue
Issue V | Year III
Published
April 2025
Pages
pp. 1-6
Language
Hindi
ISSN
3048-6319 (Online)
Publisher
Baraudi Sanskriti Sanskrit Sanskar Shiksha Samiti

How to Cite

डाॅ. निर्मला शुक्ला. "भारतीय ज्ञान परंपराओं का लोक साहित्य में अवदान." Bundelkhand Vimarsh, Issue V | Year III (April 2025), pp. 1-6. ISSN: 3048-6319.