📚 Issue V | Year III · April 2025 · pp. 1-6

बुन्देलखण्ड में राम

वम
विनोद मिश्र 'सुरमणि
साहित्यकार एवं कलाविद
Hindi

Abstract

Hindi

राम भारतीय जनमानस के केंद्र में स्थित वह आदर्श हैं, जिनकी छवि केवल धार्मिक नहीं, अपितु सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक चेतना में भी गहराई से रची-बसी है। भारत के विभिन्न अंचलों में रामकथा की विविध परम्पराएँ हैं, परन्तु बुन्देलखण्ड की भूमि पर राम के प्रति जो श्रद्धा, समर्पण और रचनात्मक ऊर्जा दृष्टिगोचर होती है, वह विशेष महत्व रखती है। बुन्देलखण्ड की कला निधि में चित्रकला का अपना खजाना है। बुन्देलखण्ड की राजधानी रही ओरछा के स्मारकों/मंदिरों के छज्जों/छतों में बने भित्ति चित्र इस कला के अनूठे उदाहरण हैं बुंदेली कलम पर भले ही अनेक आंचलिक कला विधाओं ने कब्जा किया हो परंतु बुंदेली कलम की विविधता उसे जीवित बनाए रखें रही है। दतिया कलम के चित्र बुंदेली चतेवरी के अमिट उदाहरण हैं।
मंदिरों/महलों और चैत्य स्मारकों में बने भित्ति चित्र रामकथा को भी दृष्टि गोचर करते हैं लक्ष्मी नारायण मंदिर ओरछा, दतिया के पारीछत मकबरा तालबेहट, पन्ना ,चंदेरी के मंदिर आदि में बने राम कथा के भित्ति चित्र रामजी के प्रति श्रद्धा भाव और विश्वास के प्रतीक हैं। भित्ति चित्रों के साथ यहाँ के चित्रकारों द्वारा बनाए गए तेल चित

Keywords

बुन्देलखण्ड राम चित्रकला राजधानी ओरछा स्मारक मन्दिर आंचलिक कला दतिया महल चैत्य स्मारक भित्तिचित्र रामकथा लक्ष्मीनारायण पारीछत मकबरा तालबेहट पन्ना चंदेरी श्रद्धा विश्वास तेलचित्र राजकीय संग्रहालय ।

Paper Details

Issue
Issue V | Year III
Published
April 2025
Pages
pp. 1-6
Language
Hindi
ISSN
3048-6319 (Online)
Publisher
Baraudi Sanskriti Sanskrit Sanskar Shiksha Samiti

How to Cite

विनोद मिश्र 'सुरमणि. "बुन्देलखण्ड में राम." Bundelkhand Vimarsh, Issue V | Year III (April 2025), pp. 1-6. ISSN: 3048-6319.