📚 Issue I | Year I · December 2023

नवयुगीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (New Age AI): ज्ञान-प्रणालियों, समाज एवं मानव चेतना का रूपांतरण

RB
Raj Bhargava
SVV
Hindi

Abstract

Hindi

🧾 सारांश (Abstract)

नवयुगीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (New Age AI) मानव सभ्यता के विकास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी चरण का प्रतिनिधित्व करती है। पारंपरिक कंप्यूटेशनल प्रणालियों की अपेक्षा, आधुनिक एआई प्रणालियाँ अनुकूली शिक्षण, सृजनात्मक क्षमता एवं आंशिक स्वायत्तता से युक्त हैं। यह शोधपत्र नवयुगीन एआई के वैचारिक ढाँचे, तकनीकी प्रगति एवं सामाजिक प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें शिक्षा, अनुसंधान, शासन एवं मानव संज्ञान पर एआई के प्रभाव का समालोचनात्मक अध्ययन किया गया है। साथ ही, पूर्वाग्रह (bias), डेटा गोपनीयता एवं रोजगार पर प्रभाव जैसे नैतिक प्रश्नों पर भी विचार किया गया है। भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में यह अध्ययन प्रतिपादित करता है कि एआई का विकास मानव मूल्यों एवं नैतिक सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए। अंततः निष्कर्ष यह है कि नवयुगीन एआई अपार संभावनाएँ प्रदान करता है, किंतु इसके संतुलित एवं उत्तरदायी उपयोग की आवश्यकता है।

Keywords

कृत्रिम बुद्धिमत्ता नवयुगीन एआई मशीन लर्निंग जनरेटिव एआई नैतिकता ज्ञान-प्रणाली मानव-एआई अंतःक्रिया डिजिटल मानविकी चेतना स्वचालन

Paper Details

Issue
Issue I | Year I
Published
December 2023
Language
Hindi
ISSN
3048-6319 (Online)
Publisher
Baraudi Sanskriti Sanskrit Sanskar Shiksha Samiti

How to Cite

Raj Bhargava. "नवयुगीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (New Age AI): ज्ञान-प्रणालियों, समाज एवं मानव चेतना का रूपांतरण." Bundelkhand Vimarsh, Issue I | Year I (December 2023). ISSN: 3048-6319.