📚 Issue IV | Year II · December 2024 · pp. 01 - 05

21वीं शताब्दी में नीति शतक की शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता

नक
नितेश कुमार नागर
असिस्टेंट प्रोफेसर
Hindi

Abstract

Hindi

जीवन को सुखी समृद्ध और खुशहाल बनाना ही मनुष्य के जीवन का प्रमुख उद्देश्य है। अपने जीवन से भय क्रोध घृणा अहंकार एवं द्वेष को मिटाकर अपनी उर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाना चाहिए जिससे जीवन का मुख्य उद्देश्य प्राप्त हो सके जिससे समाज के साथ राष्ट्र भी प्रगति कर सके।नीति शतक वर्तमान समय में उपयोगी हो गया है क्योंकि आज के समय में छात्र के साथ शिक्षक भी दिक भ्रमित होकर अपनी ऊर्जा का ह्रास करते हुए कुंठा से ग्रसित होकर अपना जीवन नष्ट कर लेता है। इसलिए उन्हें बचाने के लिए नीति शतक वर्तमान समय में उपयोगी हो गया है।

Keywords

नीतिशतक भर्तृहरि शिक्षा मानव जीवन संस्कृत शुक्रनीति चाणक्यनीति ।

Paper Details

Issue
Issue IV | Year II
Published
December 2024
Pages
pp. 01 - 05
Language
Hindi
ISSN
3048-6319 (Online)
Publisher
Baraudi Sanskriti Sanskrit Sanskar Shiksha Samiti

How to Cite

नितेश कुमार नागर. "21वीं शताब्दी में नीति शतक की शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता." Bundelkhand Vimarsh, Issue IV | Year II (December 2024), pp. 01 - 05. ISSN: 3048-6319.