बुंदेली लोक गीतों में राम
Abstract
Hindiभारत का हृदय स्थल बुंदेलखंड जहां कई संस्कृतियों आकर मिलती हैं या कहें कि संस्कृति जहां से शुरू होकर संपूर्ण भारत में फैलती है वह स्थान है बुंदेलखंड यहां की संस्कृति यहां कल लोक साहित्य यहां का सांस्कृतिक वैभव सरलता से किसी का भी मन अपनी और आकर्षित कर ही लेता है यह कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगा कि बुंदेलखंड का लोक साहित्य संपूर्ण भारत में अत्यधिक समृद्ध है । किसी भी समाज का प्रतिबिंब हम वहां की लोक संस्कृति में व्याप्तम लोकगीतों के माध्यम से समझ सकते हैं । लोकगीतों में लोक संस्कृति अपने मूल स्वरूप में चित्रित होती है या कहीं लोक जीवन का सीधा साधा परिचय लोकगीतों के माध्यम से मिल जाता है यह लोकगीत व्यक्ति की भावनाओं आस्था विचार दर्शन जीवन शैली सब कुछ व्यक्त कर देते हैं । बुंदेलखंड की लोक आस्था का एक मजबूत आधार है भगवान श्री राम । इस भक्ति सागर केंद्र ओरछा है जिसके आसपास राम भक्ति सागर के लोकगीतों में हेलोरे ले रहा है यहां के जन-जन के रगों में श्री राम बसा करते हैं दूर- दूर से लोग ओरछा आते हैं रात भर अपने लोकगीतों के माध्यम से राम जी को ले जाते हैं और सुबह प्रात बेरछा जी (नदी)में स्नान कर र
